न्यूज 127, मेरठ।
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी खेल विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर निर्माण कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र सुविधाओं और खेल अवसंरचना की समीक्षा की। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध विकास पर विशेष जोर देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
राज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीप अहलावत ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, खेल विभाग के विशेष सचिव कुमार विनीत, लोक निर्माण विभाग और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक भवन में कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति और भावी योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा, खेल प्रबंधन, खेल प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता का केंद्र विकसित करना है।
समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने कहा कि खेल शिक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण अकादमिक शिक्षा और अनुसंधान का समन्वय ही विश्वविद्यालय की पहचान बनेगा। उन्होंने स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध सुविधाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स मेडिसिन, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास सेवाओं और अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के लिए संचालित कॉमन मेस की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप पौष्टिक, संतुलित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने डीन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण से ही प्रतिभाओं का समग्र विकास संभव है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बालक और बालिका छात्रावासों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। छात्रावासों में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अध्ययन और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। बालिका छात्रावास में लॉन्ड्री को कमरों के बजाय बाहरी कवर क्षेत्र में स्थानांतरित करने का सुझाव भी दिया, ताकि कमरों का बेहतर उपयोग हो सके।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर को ग्रीन कैंपस बनाने के लिए सोलर पैनलों के अधिकतम उपयोग, जल संरक्षण, वेस्ट वाटर के पुनरू उपयोग और ऊर्जा दक्षता पर विशेष जोर दिया। ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कर हरित परिसर विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रदेश के विद्यालयों में खेल प्रतिभा पहचान कार्यक्रम चलाकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विश्वविद्यालय से जोड़ने पर बल दिया। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने तथा प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल प्रणाली और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय भविष्य में देश के सर्वश्रेष्ठ खेल विश्वविद्यालयों में अपनी अलग पहचान बनाएगा और उत्तर प्रदेश को खेल उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण, गुणवत्ता और पारदर्शिता के दिये मंत्र




