देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून के सभागार में हिंदी भाषा के सम्मान और महत्त्व को लेकर आयोजित कार्यक्रम में “हिंदी—मेरी मातृभाषा, मेरा गर्व” की भावना प्रत्येक हृदय में गूंज उठी। इस भव्य एवं आकर्षक आयोजन का उद्देश्य छात्रों में हिंदी भाषा के प्रति रुझान, सम्मान और एक विचारशील दृष्टिकोण विकसित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सचिवालय के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत श्रीमती रुचि मोहन रयाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या एवं मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी भाषा की समृद्धि और सौंदर्य को जीवंत कर दिया। कविता, नाटक, गीत और नृत्य के जरिए छात्रों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती रुचि मोहन रयाल ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी हमारी पहचान और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों को हिंदी के प्रति गर्व और अपनत्व की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। वहीं प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने विद्यार्थियों को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा उसे गर्व के साथ अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम ने न केवल छात्रों में हिंदी के प्रति प्रेम और सम्मान को प्रगाढ़ किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि मातृभाषा ही हमारी असली पहचान और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है।




