पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूड़ी को भावभीनी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री धामी ने बताया विकास पुरुष








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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खण्डूड़ी जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक, आदर्श जनप्रतिनिधि और उत्तराखंड के विकास पुरुष के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खण्डूड़ी जी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। उनके जीवन से सार्वजनिक जीवन में शुचिता और समर्पण की प्रेरणा मिलती रहेगी।

उन्होंने खण्डूड़ी जी के सैन्य जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय साहस, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका जनसेवा का संकल्प जारी रहा। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होकर उन्होंने संसद में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूती से उठाया और पांच बार सांसद के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खण्डूड़ी जी ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी परियोजनाओं को गति देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रशासन की आधारशिला बनाया और राज्य के विकास को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उच्च पदों पर रहने के बावजूद खण्डूड़ी जी ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। वे सदैव आमजन के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहे।

उन्होंने कहा कि खण्डूड़ी जी का निधन पूरे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके साथ एक युग का अंत हुआ है, लेकिन उनके विचार और आदर्श सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष रितु खण्डूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, स्वामी रामदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।