न्यूज 127, कोटद्वार।
विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने सोमवार को तहसील सभागार, कोटद्वार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वर्षा ऋतु से पूर्व आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं, जलभराव, भूस्खलन, संक्रामक रोगों तथा जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर विभागवार तैयारियों का जायजा लिया गया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि मानसून के दौरान आमजन की सुरक्षा और सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नगर निगम कोटद्वार को निर्देशित किया गया कि डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु सभी वार्डों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित फॉगिंग अभियान चलाया जाए तथा नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों का तत्काल कटान कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग को डेंगू, मलेरिया एवं सर्पदंश से संबंधित दवाइयों, एंटी-वेनम इंजेक्शन तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। लोक निर्माण विभाग को सभी प्रमुख एवं संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त रखने तथा वर्षा के दौरान यातायात को निर्बाध बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। नेशनल हाईवे विभाग को कोटद्वार–दुगड्डा मार्ग पर संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने तथा संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, घास की नियमित कटाई कराने तथा जर्जर भवनों की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को वन क्षेत्रों से लगे शहरी इलाकों में गश्त बढ़ाने तथा विद्युत लाइनों के संपर्क में आने वाले पेड़ों की छंटाई कराने को कहा गया। सिंचाई विभाग को नहरों, गुलों एवं जल निकासी तंत्र की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान जलभराव एवं अन्य समस्याओं से बचा जा सके। नलकूप विभाग को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा सभी नलकूपों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को किसी भी आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति में आवश्यक खाद्यान्न एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को जर्जर विद्युत लाइनों एवं पोलों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने नगर निगम अधिकारियों के साथ दुर्गापुरी क्षेत्र में नाले का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान नाले के ऊपर लगे स्लैब हटे पाए गए, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान खुले नाले दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाए।
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून अवधि में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और विभागों की सतर्कता एवं तत्परता से ही जनधन की हानि को रोका जा सकता है और आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
जनसुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: ऋतु खण्डूडी भूषण




