नवीन चौहान, हरिद्वार। धर्मनगरी को अतिक्रमण मुक्त कराने में जुटे एसडीएम मनीष कुमार सिंह के सख्त तेवर देकर अतिक्रमणकारी घबराने लगे हैं। हाथों में डंडा थामे एसडीएम जब जेसीबी लेकर सड़कों पर निकलते है तो कोई अतिक्रमणकारी सामने आने का साहस नहीं जुटा पा रहा हैं। व्यापारी नेताओं ने मौन व्रत धारण कर लिया है। प्रशासन पूरी संजीदगी के साथ हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने में जुटा है।
हरिद्वार को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने 12 सितंबर से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया था। हरिद्वार के रोड़ीबेलवाला से शुरू हुए अभियान ने तेजी पकड़ ली। प्रशासन ने पहले लाल निशान लगाकर व्यापारियों को चेतावनी दी। लेकिन व्यापारी प्रशासन की चेतावनी को हल्के में लेते रहे। व्यापारियों ने अपना अतिक्रमण खुद नहीं हटाया। आखिरकार एसडीएम मनीष कुमार सिंह, तहसीलदार सुनैना राणा और नगर निगम प्रशासन की टीम के साथ जेसीबी लेकर सड़कों पर उतर गये। एसडीएम ने मौके पर ही फीता डालकर पैमाइश कराई और जेसीबी से ध्वस्त करना शुरू कर दिया। हालांकि व्यापारियों ने विरोध किया तो एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने अपने इरादे जाहिर कर दिये। किसी व्यापारी नेता की कुछ ना चली। मूक दर्शक बने व्यापारी प्रशासन की कार्रवाई को चुपचाप देखते रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। लेकिन हरिद्वार का एक वर्ग प्रशासन की इस कार्रवाई से बेहद खुश है। चौड़ी सड़के देखकर जनता बहुत प्रसन्न है। एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर किसी प्रकार का कोई पक्षपात नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करा रहे है। हरिद्वार के अतिक्रमणमुक्त होने का लाभ भी हरिद्वार की जनता को मिलेगा और खूबसूरती में चार चांद लगेंगे।
एसडीएम के सख्त तेवर देखकर घबराये अतिक्रमणकारी, जानिए पूरी खबर



