न्यूज 127, मेरठ।
उत्तर प्रदेश पुलिस के चलाए जा रहे ‘#OperationConviction’ के तहत दौराला थाना पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने दहेज हत्या और एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), मेरठ की अदालत ने अभियुक्त सोमपाल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और कुल 1,10,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
1 जुलाई 2020 को पल्लवपुरम के पल्हेड़ा निवासी आनंद प्रकाश ने थाना दौराला में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि ग्राम मवीमीरा निवासी सोमपाल अपनी पत्नी से दहेज की मांग करता था, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करता था और उसने गोली मारकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सोमपाल को गिरफ्तार कर उसके पास से घटना में प्रयुक्त 1 तमंचा (.315 बोर), 1 खोखा कारतूस और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 26 जुलाई 2020 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
अदालत का फैसला
साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने अभियुक्त सोमपाल पुत्र महावीर गुर्जर को निम्नलिखित सजा सुनाई:
- मुकदमा अपराध संख्या 288/2020 (दहेज हत्या व एससी/एसटी एक्ट): आजीवन कारावास और ₹1,00,000 का अर्थदण्ड।
- मुकदमा अपराध संख्या 289/2020 (25/27 आयुध अधिनियम): 5 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का अर्थदण्ड।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी दौराला शिव ठाकुर, प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार सिंह और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल रोहित वालिया की पैरवी के फलस्वरूप इस मामले में पीड़िता को न्याय मिल सका।


