जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एनएच की बदहाली जताई नाराजगी, तीन परियोजना निदेशकों को नोटिस








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हरिद्वार
जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच-34/334) रुड़की, परियोजना निदेशक (एनएच-34) देहरादून तथा परियोजना निदेशक (एनएच-34) नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश) को नोटिस जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद हरिद्वार से होकर गुजरने वाले विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, पर्याप्त संकेत चिन्ह (साइनेज), रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। इन कमियों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को तत्काल प्रभाव से गड्ढा मुक्त किया जाए। इसके साथ ही मार्गों पर समुचित संकेत चिन्ह (साइनेज) स्थापित किए जाएं ताकि वाहन चालकों को मार्ग की स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगी सभी स्ट्रीट लाइटें क्रियाशील रखी जाएं और जहां भी अंधेरे की स्थिति है, वहां तत्काल नई लाइटें स्थापित की जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए इन व्यवस्थाओं का होना अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए। यदि निर्देशों की अनदेखी की गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट और जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की स्थिति पर विस्तृत आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी के इस सख्त रुख से राष्ट्रीय राजमार्गों की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।