अल्मोड़ा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी अंशुल सिंह जनपद अल्मोड़ा में पलायन की चुनौती से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) के अंतर्गत अब 78 गांवों में रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन की निरंतर मॉनिटरिंग के चलते ग्रामीणों को उनके अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है।
परियोजना निदेशक डीआरडीए के एन तिवारी के अनुसार, वर्ष 2020-21 से संचालित इस योजना के तहत राज्य पलायन निवारण आयोग द्वारा जनपद के 8 विकासखंडों के 78 राजस्व ग्रामों का चयन किया गया है। इन गांवों में स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विशेष विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि लोगों को आजीविका के लिए बाहर न जाना पड़े।
योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, बकरी और मुर्गी पालन, डेयरी विकास, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, आजीविका केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सौर लाइट, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, खेल मैदान, पुस्तकालय, ईको पार्क, जैविक खेती, सब्जी क्लस्टर और जड़ी-बूटी संवर्धन जैसे नवाचार भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। शिक्षा और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और पेयजल व्यवस्था में सुधार भी किया जा रहा है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 862 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जिसके सापेक्ष 117 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वर्तमान में 727 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और 111 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जो योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके और पलायन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
वहीं, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा कुल 19 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिनमें कृषि, लघु सिंचाई, जल संरक्षण, ड्रिप इरिगेशन, पशुपालन, प्रसंस्करण इकाइयों और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं के लिए ₹193.28 लाख की धनराशि निर्धारित की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पलायन की प्रवृत्ति को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन का यह समग्र प्रयास न केवल गांवों की तस्वीर बदल रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में स्थायित्व और समृद्धि की नई उम्मीद भी जगा रहा है।
अल्मोड़ा के 78 गांवों में रोजगार की नई राह, 862 लाख से बदली तस्वीर




