हरिद्वार।
शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता की मिसाल कायम कर रहे धूम सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, सीतापुर ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों की स्वर्णिम गाथा लिख दी है। सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा सत्र 2025-26 में विद्यालय ने शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज कर न केवल अपनी साख को मजबूत किया, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा का परचम भी बुलंद किया।

इस वर्ष का परिणाम केवल अंकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अथक परिश्रम, अनुशासन और बड़े सपनों को साकार करने की प्रेरक कहानी है। हर एक अंक के पीछे समर्पण, संघर्ष और सफलता की चमक स्पष्ट झलकती है।
टॉपर्स ने किया कमाल
विद्यालय की होनहार छात्रा गीतांजलि (97.80%) ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। उनके साथ श्रीजल कटियार (96.80%), भावना (95%), साक्षी प्रिया (95%), जाह्नवी (93%), शिवानी सिंह (91.6%), तेजस्वी शर्मा (91.2%) और अभिषेक कुमार (90%) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 90% से अधिक अंक अर्जित किए।

85% से ऊपर—उत्कृष्टता की मजबूत कतार
85% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 19 विद्यार्थियों ने विद्यालय की उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनमें दिया चौहान, जिया सिंह, आयुष नाथ, आरोही भारद्वाज, रिद्धिम, लव सैनी, माही ठाकुर, दिव्या ज्योति, माही चौहान, शुभम यादव, कार्तिक गुप्ता, दीक्षांत गुप्ता, दिव्या, उज्ज्वल चौधरी, नवनीत चौधरी, अमन बर्मन, शौर्य शर्मा, नैना देवी और अंशिका जोशी शामिल रहे।
80% से अधिक—सफलता की सशक्त उपस्थिति
वहीं वेदिका भारद्वाज, अंशिका राठौर, पलक, सृष्टि, प्रशांत नेगी, नैतिक चौधरी, प्रियंका पाल और आर्या सिंह ने 80% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का शानदार परिचय दिया।
गुरु, अभिभावक और नेतृत्व—सफलता के स्तंभ
विद्यालय के निदेशक मुकुल चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानाचार्य साधना भाटिया जी व समर्पित शिक्षकों को दिया, जिन्होंने विद्यार्थियों का हर कदम पर मार्गदर्शन किया। साथ ही अभिभावकों के विश्वास और सहयोग ने इस सफलता को और मजबूत आधार प्रदान किया। विद्यालय के चेयरमैन और मार्गदर्शक श्री क्षेत्रपाल सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में संस्थान में उत्कृष्टता की संस्कृति निरंतर विकसित हो रही है।
शिक्षा में उत्कृष्टता का प्रतीक बना विद्यालय
धूम सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और समर्पण के साथ सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। यह परिणाम न केवल विद्यालय की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।




