न्यूज 127. मेरठ।
सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ में भारतीय सैनिको के लिए 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। “जैव-नियंत्रण एजेंटों के बड़े पैमाने पर उत्पादन” प्रशिक्षण कार्यकम का शुभारम्भ प्रोफेसर डॉ. रामजी सिंह, कुलसचिव, डॉ. कमल खिलाडी, निदेशक शोध, डॉ. विवेक अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, डॉ. डीवी सिंह, विभागाध्यक्ष कीट विज्ञान विभाग एवं डॉ. राजेन्द्र सिंह, प्रशिक्षण कार्यकम निदेशक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यकम कुलपति प्रो. त्रिवेणी दत्त, सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ, के दिशा निर्देशन में किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलसचिव ने अपने सम्बोधन में बताया कि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित यह प्रशिक्षण कार्यकम बहुत ही सराहनीय है। जैविक नियंत्रण नुकसानदायक कीटों के प्रबन्धन के लिए एक उत्तम विधा है। निदेशक शोध ने बताया कि कीटनाशकों के उपयोग से कैंसर जैसी बीमारियों लगातार बढ़ रही है, जैव नियंत्रण से हम कीटनाशकों के उपयोग को कम कर सकते है।

अधिष्ठाता कृषि ने बताया कि यह कार्यकम कृषि में नवाचार लायेगा जिससे कीटनाशकों का प्रयोग कम होगा। डॉ. डी.वी. सिंह ने अपने संबोधन में इस कार्यकम से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। डॉ डी.वी. सिंह ने पर्यावरण प्रदूषण, कैंसर से मुक्ति हेतु जैव नियंत्रक के उपयोग पर बल दिया। कार्यक्रम के निदेशक, डॉ. राजेन्द्र सिंह ने इस प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि “जैव नियंत्रण की शक्ति, सेना की भक्ति और दोनों से सुरक्षित हमारी धरती।
कार्यकम का संचालन कुमारी नन्दिनी सिंह, शोध छात्रा द्वारा किया गया अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. डी.वी. सिंह, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष कीट विज्ञान विभाग द्वारा सभी का धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर डॉ. गोपाल सिंह अधिष्ठाता स्नात्कोत्तर, डॉ. एल.बी. सिंह, विभागाध्यक्ष कृषि प्रसार, डॉ. रामचन्द्र विभागाध्यक्ष कृषि अर्थशास्त्र, डॉ. गजे सिंह, ठॉ. हेम सिंह, डॉ. रमेश सिंह, डॉ. योगेश कटारिया, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. पूरन चन्द, आकाश सिंह, अमोल दीक्षित, विकान्त, आशा, सौरभ एवं कीर्ति पाल मौजूद रहे।




