वनाग्नि रोकथाम में कोई लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: जिलाधिकारी अंशुल सिंह




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न्यूज 127, अल्मोड़ा।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में वनाग्नि की संभावनाओं को देखते हुए रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। वनाग्नि की घटनाओं से पर्यावरण, वन्यजीव एवं जनधन को होने वाले नुकसान को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में जनपद स्तरीय वनाग्नि रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने वनाग्नि से निपटने हेतु की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद अल्मोड़ा में प्रत्येक वर्ष 15 फरवरी से 15 जून की अवधि को वनाग्नि की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इस अवधि में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहकर कार्य करने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने वन विभाग को फायर लाइन निर्माण, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, फायर वॉचरों की तैनाती तथा आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्राम स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समितियों को सक्रिय करने तथा किसी भी घटना की त्वरित सूचना एवं तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वनाग्नि काल से पूर्व ही प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर लिए जाएं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त पाए जाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा वर्चुअली सभी उपजिलाधिकारी उपस्थित रहे।