सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल, उत्तराखंड में धार्मिक पुनर्जागरण को मिली नई गति: मुख्यमंत्री








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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण से लेकर केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण तक, देश में सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है और भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री धामी रविवार को सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित मां भगवती जागरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बना रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तेजी से हुआ, जिससे आज केदारपुरी दिव्य और भव्य स्वरूप में विकसित हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से शुरू की गई शीतकालीन यात्रा से प्रदेश में वर्षभर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि आदि कैलाश यात्रा और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और विकास को नई दिशा मिल रही है। साथ ही दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है।