उत्तराखंड भर्तियों में आरक्षण अनियमितता के आरोप, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन








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रुद्रप्रयाग, संवाददाता:
उत्तराखंड में विभिन्न विभागों की भर्तियों को लेकर आरक्षण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। Uttarakhand SC/ST/OBC Vaicharik Mahasabha ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि होमगार्ड एवं स्वास्थ्य विभाग की हालिया भर्तियों में अनुसूचित जाति (SC) के लिए निर्धारित आरक्षण का सही पालन नहीं किया गया। महासभा के अनुसार, वर्ष 2026 की होमगार्ड भर्ती में 19 प्रतिशत आरक्षण के तहत लगभग 175 पद SC वर्ग को मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 48 पद ही आवंटित किए गए।

इसी प्रकार, 15 अप्रैल 2026 को हुई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भर्ती (कुल 335 पद) में भी SC वर्ग को मात्र 48 पद दिए गए, जबकि नियमानुसार यह संख्या लगभग 64 होनी चाहिए थी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, उधम सिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली सहित कई जिलों में SC वर्ग के लिए एक भी पद आवंटित नहीं किया गया।

इसके अलावा, वर्ष 2019 के रोस्टर संबंधी शासनादेश के विपरीत EWS वर्ग के पदों की गणना में अनियमितता का आरोप लगाया गया है, जिससे SC वर्ग के अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हुए हैं।

महासभा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा आरक्षण रोस्टर का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग कार्यक्रम में ज्ञापन सौंपेंने वाले विजय बैरबाण, विजय भारती,कमल टम्टा, विक्रम भारती धन्नी बैरवाण सतेन्द्र बैरबाण जीतनराम पौठियाल एवं विजय लाल आदि थे।

फिलहाल इस मामले में राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।