प्रधानाध्यापिका ने प्रधान पति व क्षेत्र पंचायत सदस्य पति पर लगाए गंभीर आरोप








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न्यूज 127 नई टिहरी।
टिहरी जनपद के जाखणीधार विकासखंड के दुर्गम ग्राम गेवली पांव से दलित उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। पूर्व में विद्यालय में तैनात अनुसूचित जाति की प्रधानाध्यापिका मंजली आर्य ने प्रधान पति रतन सिंह रावत तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के पति राकेश मंद्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 जुलाई को दोनों लोग विद्यालय पहुंचे और अपनी पत्नियों के निर्वाचित पदों का प्रभाव दिखाते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा कार्यालयीय कार्य में बाधा डाली।
प्रधानाध्यापिका के अनुसार, उप-शिक्षा अधिकारी, विकासखंड देवप्रयाग के दूरभाषीय निर्देश पर वह विद्यालय की नवनियुक्त शिक्षिका को कार्यालय की चाबी सौंपने पहुंची थीं। आरोप है कि इस दौरान संबंधित लोगों ने प्रधानाध्यापिका कक्ष में ताला लगाकर दबाव बनाया, पुलिस की मौजूदगी में विभागीय नियमों की अनदेखी की और नवनियुक्त शिक्षिका को न तो चाबी लेने दी और न ही किसी प्रकार की लिखित कार्यवाही होने दी। मंजली आर्य का आरोप है कि उनके साथ अनुसूचित जाति से होने के कारण भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्हें जातिगत पहचान के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिनमें आवास न मिलना, सार्वजनिक रूप से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना तथा व्यक्तिगत आरोप लगाना शामिल है। लगातार 22 वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहीं मंजली आर्य ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि 50 वर्ष की आयु में भी उनका समायोजन ऐसे अति दुर्गम विद्यालय में किया गया, जहां मुख्य सड़क से लगभग 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समायोजन की पूर्व सूचना तक उन्हें नहीं दी गई।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत शिक्षा विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में सौंप दी है। उनका कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगी। यह मामला शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अनुसूचित जाति के कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और शिक्षा विभाग की जांच तथा आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।