महिला अधिकारी से अभद्रता पर बिफरा प्रादेशिक विकास सेवा संगठन








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  • चेतावनी: ‘दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गिरेगा प्रशासनिक मनोबल’

पथ प्रवाह, देहरादून/नई टिहरी।
विकास खंड नरेंद्रनगर (फकोट) कार्यालय में महिला खंड विकास अधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। प्रादेशिक विकास सेवा संगठन, उत्तराखंड ने इस प्रकरण को महिला अधिकारी की गरिमा और पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हमला बताते हुए मुख्यमंत्री, ग्राम्य विकास मंत्री, मुख्य सचिव, आयुक्त ग्राम्य विकास, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन के अध्यक्ष भरत चंद्र भट्ट और महामंत्री मोहम्मद असलम द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 2 जुलाई 2026 को क्षेत्र पंचायत सदस्य सिद्धार्थ राणा ने खंड विकास अधिकारी श्रुति वत्स के साथ कार्यालय परिसर में कथित रूप से अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया, सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया तथा धमकीपूर्ण भाषा का प्रयोग किया। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दिए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना और प्रभावी कार्रवाई न होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
संगठन ने स्पष्ट कहा कि श्रुति वत्स एक कर्मठ, ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी हैं, जिनकी कार्यशैली पर पूर्व में कभी कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा। ऐसे में उनके साथ हुई यह घटना न केवल एक महिला अधिकारी के आत्मसम्मान पर प्रहार है, बल्कि प्रदेशभर में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल को भी प्रभावित करने वाली है। ज्ञापन में शासन को आगाह किया गया है कि यदि किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव में संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण किया गया, तो इससे यह संदेश जाएगा कि दोषियों के बजाय ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारियों को ही प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होगा।
प्रादेशिक विकास सेवा संगठन ने मांग की है कि घटना में शामिल आरोपित के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, महिला अधिकारी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी परिस्थिति में दबाव के चलते उनका स्थानांतरण न किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में व्यापक रोष व्याप्त होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।