न्यूज 127, हरिद्वार।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को जनपद हरिद्वार स्थित राजकीय विशेष गृह परिसर में ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी (किशोर)’ भवन निर्माण के लिए विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान ने की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुसार वर्तमान में हरिद्वार में विशेष गृह एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी एक ही भवन में संचालित हैं। संस्था की बढ़ती आवश्यकता और कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने 555.15 लाख रुपये की लागत से 50 क्षमता वाले पृथक राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी (किशोर) भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। इसके निर्माण के बाद उत्तराखंड का पहला राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी (किशोर) हरिद्वार में संचालित होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विधि-विवादित किशोरों को केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह भवन किशोरों के पुनर्वास एवं भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मंत्री ने कार्यक्रम के उपरांत राजकीय बाल देखरेख गृह, संप्रेक्षण गृह (किशोर) एवं राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों से उनकी शिक्षा, दैनिक दिनचर्या एवं अन्य आवश्यकताओं के बारे में बातचीत की तथा अधिकारियों को बच्चों के सर्वोत्तम हित में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

हरिद्वार में राज्य के जघन्य अपराधों में विधि-विवादित किशोरों के लिए विशेष गृह एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी संचालित हैं, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद तथा कैनवास पेंटिंग, फाइल फोल्डर निर्माण और भीमल पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व विकास का कार्य किया जा रहा है। किशोरों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से यहां शीघ्र ही पॉटरी यूनिट स्थापित किए जाने की भी योजना है।
इस दौरान रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में राज्य के पहला राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी भवन का निर्माण सामाजिक न्याय और बाल कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। इससे विधि-विवादित किशोरों को बेहतर आवास, शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास एवं पुनर्वास की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष रावत द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी राजीव नयन, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




