डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून में “ऑपरेशन सिन्दूर” की प्रथम वर्षगांठ पर देशभक्ति का संचार








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देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून में “ऑपरेशन सिन्दूर” की प्रथम वर्षगांठ अत्यंत ओजपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय सेना के प्रति सम्मान, गौरव और देशभक्ति की भावना जागृत करना रहा।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के पूर्व छात्र एवं भारतीय सेना में 17 वर्षों के अनुभवी अधिकारी कर्नल गीतेश डंगवाल उपस्थित रहे, जो वर्तमान में देहरादून में अपनी यूनिट का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके आगमन से पूरे आयोजन में प्रेरणादायक ऊर्जा का संचार हुआ।

भावपूर्ण प्रस्तुति ने झकझोरा मन
कार्यक्रम की शुरुआत कश्मीर के पहलगाम में हुई दुखद घटना की मंचीय प्रस्तुति से हुई, जिसे विद्यार्थियों ने अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने आतंकवाद की भयावहता और उसके दुष्परिणामों को उजागर करते हुए यह संदेश दिया कि आतंकवाद मानवता के लिए घातक है।


विद्यार्थियों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय सैनिकों की कर्तव्यनिष्ठा, वीरता, अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को जीवंत कर दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो उठे।

आतंकवाद और सेना की कार्रवाई पर जागरूकता
मुख्य अतिथि कर्नल डंगवाल ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत में समय-समय पर हुए प्रमुख आतंकवादी हमलों—
2001 संसद हमला, 2002 अक्षरधाम मंदिर हमला, 2019 पुलवामा हमला और 2025 पहलगाम हमला—के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने इन घटनाओं से हुई जन-धन हानि और उनके दूरगामी दुष्प्रभावों को स्पष्ट करते हुए भारतीय सेना द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध की गई सशक्त एवं साहसिक कार्रवाइयों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया कि किस प्रकार पाकिस्तान निरंतर आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत की सुरक्षा को चुनौती देता रहा है।

ऑपरेशन सिन्दूर और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑपरेशन सिन्दूर के अंतर्गत आतंकवादी शिविरों के विनाश की जानकारी दी गई।
कर्नल डंगवाल ने छात्रों को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि— सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं से बचें। केवल आधिकारिक और प्रमाणिक जानकारी पर ही विश्वास करें। उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में तत्पर है। साथ ही विद्यार्थियों से सभ्य, जिम्मेदार और मानसिक रूप से सशक्त नागरिक बनने का आह्वान किया।

प्रेरणा से भरा समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी समाधिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम ऐसे देश के नागरिक हैं, जिसकी सेना अदम्य साहस और अटूट संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा में सदैव अग्रणी रहती है।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों के मन में अनुशासन, साहस, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को और प्रबल किया। कई विद्यार्थियों ने प्रेरित होकर भविष्य में भारतीय सेना का हिस्सा बनने का संकल्प भी लिया।