गणतंत्र दिवस संविधान निर्माण का महापर्व: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी








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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस भारतीय संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प दोहराने का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री द्वारा “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक” बताए जाने से प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम संचालित कर रही है, जिससे लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड ने देश को नई दिशा दी है। तीर्थयात्राओं के बेहतर प्रबंधन, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग-अनुकूल नीतियों, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड को छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है। पिछले चार वर्षों में 27 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियाँ की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल-विरोधी कानून, सख्त भू-कानून, अतिक्रमण हटाने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से सुशासन को मजबूती मिली है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देकर मातृशक्ति के सम्मान को प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित उत्तराखण्ड, आत्मनिर्भर भारत और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।