राष्ट्रमंडल कांस्य पदक विजेता उन्नति शर्मा को डीएवी स्कूल से मिला जूडो का प्रशिक्षण








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पथ प्रवाह, देहरादून।
“मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।” इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल की पूर्व छात्रा और राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता उन्नति शर्मा ने न केवल अपने परिवार और विद्यालय का, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जो गर्व और उत्साह से भरा रहा।

डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी जी स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ—साथ उनकी खेल प्रतिभाओं को निखारने और उनका सर्वागीण विकास करने पर जोर देते है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उन्नति ने डीएवी के उस स्वप्न को साकार किया है, जिसमें विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करते देखने की कल्पना की गई थी।


प्रधानाचार्य शालिनी समाधिया ने उन्नति शर्मा का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की मिसाल बताया। छात्र जीवन से ही उन्नति एक संतुलित, विनम्र और कर्तव्यनिष्ठ छात्रा रही हैं। उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने उसे पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाया। उनके भीतर की सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बचपन से ही स्पष्ट झलकती रही।
राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो की महिला 63 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतना उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। मुकाबले के उन 1 मिनट 7 सेकंड ने सभी की धड़कनें थाम दी थीं, जब उन्नति ने सटीक टाइमिंग के साथ शानदार ‘लेग हुक’ दांव लगाकर दक्षिण अफ्रीकी प्रतिद्वंद्वी को ‘इप्पोन’ के साथ पटखनी दी—जो जूडो में सर्वोच्च स्कोर माना जाता है। इस ऐतिहासिक क्षण ने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।


उन्नति की इस उपलब्धि पर देश के प्रधानमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों द्वारा बधाइयों की झड़ी लग गई। इस उपलब्धि ने न केवल डीएवी परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी प्रस्तुत की है।
विद्यालय की मैनेजर डॉ. अल्पना शर्मा ने भी उन्नति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने और डीएवी का परचम ऊंचा रखने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उन्नति के माता-पिता को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिनके निरंतर सहयोग, त्याग और विश्वास ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्नति शर्मा के कोच पुनेश ठाकुर के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। कक्षा 6 से ही उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली उन्नति की प्रतिभा को पहचान कर उसे निखारने में उनके अथक प्रयासों की अहम भूमिका रही है।