गंगा में प्रवाहित हो रहे 14 भवनों का ग्रे-वाटर किया बंद, 02 नालियां टैप








Listen to this article

news127,देहरादून
जिला प्रशासन देहरादून ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सख्त कार्रवाई करते हुए बिना सीवर संयोजन के सीधे गंगा नदी में प्रवाहित हो रहे 14 भवनों के ग्रे-वाटर कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र की 02 नालियों की टैपिंग भी की गई है।
विगत दिवस जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा ऋषिकेश स्थित चन्द्रेश्वर नगर के ढालवाला नाले का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नाले में अपशिष्ट जल (ग्रे-वाटर) प्रवाहित होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम ऋषिकेश एवं जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश एवं नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ढालवाला नाले के आसपास कुल 21 भवन स्थित हैं, जिनमें से 14 भवनों का ग्रे-वाटर सीधे नाले में प्रवाहित हो रहा था, जबकि शेष 07 भवनों का ग्रे-वाटर विधिवत सीवर लाइन से संयोजित पाया गया।
संयुक्त निरीक्षण के उपरांत जल संस्थान ऋषिकेश द्वारा ग्रे-वाटर प्रवाहित कर रहे 14 भवन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए मौके पर ही उनके भवनों से नाले में जाने वाले अपशिष्ट जल निकास को बंद कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी के निर्देशानुसार क्षेत्र की 02 नालियों की भी टैपिंग की गई।
इस कार्रवाई के बाद अब चन्द्रेश्वर नगर स्थित ढालवाला नाले में 14 भवनों एवं 02 नालियों से किसी भी प्रकार का ग्रे-वाटर प्रवाहित नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रखी जाएगी।