हरिद्वार।
रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के शिवालिकनगर वार्ड-12 में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रानीपुर विधायक आदेश चौहान के प्रयासों से लगभग 1.08 करोड़ रुपये की लागत से नई पेयजल योजना को शासन की स्वीकृति मिल गई है, जिसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। योजना के लागू होने से शिवालिकनगर वार्ड-12 के कृपालनगर सहित आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।
बताया गया कि यह कार्य पहले जायका योजना के अंतर्गत प्रस्तावित था, लेकिन अब शासनादेश जारी होने के बाद इस परियोजना को जायका योजना से अलग कर स्वतंत्र रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के तहत क्षेत्र में एक नए ट्यूबवेल की स्थापना और नई पानी की लाइनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
विधायक आदेश चौहान ने कहा कि सिडकुल के निकट होने के कारण इस क्षेत्र में तेजी से नई कॉलोनियों का विकास हुआ है, जिसके चलते पेयजल की समस्या भी बढ़ गई थी। अब सरकार की इस स्वीकृति से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से हजारों परिवारों को पेयजल संकट से मुक्ति मिलेगी और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
विधायक आदेश चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है और इसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जा रही है ताकि कोई भी परिवार शुद्ध पानी से वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए विकास संबंधी वादों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह नई पेयजल योजना न केवल क्षेत्र के लोगों को राहत देगी, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और क्षेत्रीय विकास को भी नया आयाम प्रदान करेगी।
विधायक आदेश चौहान की पहल पर वार्ड-12 में 1.08 करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत




