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एक दिवसीय स्किल विकास इन्टरप्रिन्योरशिप और रिजनिंग (Skill Enhancement, Entrepreneurship and Reasoning) पर कार्यक्रम का आयोजन कृषि महाविद्यालय, सरदार वल्लभभाई पटेल, कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. त्रिवेणी दत्त, कुलपति सरदार वल्लभभाई पटेल, कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा विधिवत दीप प्रज्जवलित कर किया गया। डा. विवेक, अधिष्ठाता कृषि ने कुलपति व अन्य सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति योजना (SC-SP) के छात्रों के उत्थान के लिये एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देना, कृषि तकनीकियों का प्रशिक्षण प्रदान करना है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अन्तर्गत कृषि संस्थानों द्वारा प्रशिदाण कार्यक्रम कौशल विकास कार्यशालायें आयोजित किये जाते हैं। छात्रों को बागवानी फसलों के प्रबंधन और पौध संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना के अन्तर्गत छात्रों के लिये विशेष प्रशिक्षण करने का प्रावधान है।

लक्ष्य विहीन युवा नए भारत के लिए खतरा: जावला
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा. विक्रांत जावला, निदेशक कैरियर लांचर ने छात्रों को अपने संबोधन में स्किल विकास इन्टरप्रिन्योरशिप और रिजनिंग (Skill Enhancement, Entrepreneurship and Reasoning) पर कार्यकम के बारे में बताया। डा. विक्रान्त जावला, निदेशक कैरियर लांचर/ मोटीवेशनल स्पीकर ने अपने वक्तव्य में छात्रों को टिप्स देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित करें, लक्ष्य विहीन युवा 2047 नये भारत के लिये खतरा है। एग्री बिजनेस मैनेजमेंट में युवाओं का रुझान जरूरी है। आत्मनिर्भर भारत के लिये आत्मनिर्भर युवा जरूरी हैं। कहा कि अपने लक्ष्य को लेकर सशक्त व दूरदर्शी बनें, सभी क्षेत्रों में जाएं युवा। स्नातक तृतीय व चतुर्थ वर्ष से ही तैयारी शुरू कर दें। कहाकि बेहतर लक्ष्य ही सफलता की कुंजी है। लक्ष्य के लिये मजबूत नींव रखने जैसी अपने मूलभूत शिक्षा, प्लानिंग कैसे करें, लक्ष्य कैसे बनायें, प्रोजेक्टस बनायें, सिलेबल के साथ पूर्ण तैयारी करें एवं सफलता निश्चित पायें। स्वस्थ माहौल ही स्वस्थ समाज की रीढ़ है। कैरियर चुनाव महत्वपूर्ण है।?

अपनी रूचि के अनुसार आगे आए युवा: डॉ रिया
पर्सनेलिटी डवलपमेंट ट्रेनर डा. रिया जावला ने साक्षात्कार की तैयारी करने के टिप्स भी दिये। कहा कि अपनी रूचि अनुसार युवा आगे आयें व उस पर कार्य करें। अपने विषय में लिखें, अपने लक्ष्य के विषय में लिखें। अंग्रेजी भाषा में बोलना शुरू करें। आपस में अंग्रेजी में बात करें तथा अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं के अखबार अवश्य पढ़ें। कार्यक्रम का संचालन डा. प्रेरणा सिकरवार, सहायक प्राध्यापक ने किया। धन्यवाद डा. डीवी सिंह, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष कीट विज्ञान एवं कार्यक्रम आयोजक ने प्रस्तुत किया।

ये रहे मुख्य रूप से मौजूद
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डा. पीके सिंह, निदेशक प्रसार, पंकज कुमार चतुर्वेदी, वित्त नियंत्रक, डा. लोकेश कुमार गंगवार, निदेशक आई. क्यू.ए.सी., अधिष्ठाता कृषि, डा. मुकेश कुमार, विभागाध्यक्ष सस्य विज्ञान, डा. रश्मि प्राध्यापक मौलिक विज्ञान विभाग, डा. नीरज कुमार, प्राध्यापक मृदा विज्ञान, डा. अतर सिंह, सह प्राध्यापक, जीपी बी, डा. पंकज कुमार, अधिष्ठाता गन्ना अनुसंधान महाविद्यालय, डा. गजे सिंह, प्राध्यापक, कीट विज्ञान, डा. हेम सिंह प्राध्यापक कीट विज्ञान, डा. एलबी सिंह विभागाध्यक्षा कृषि प्रसार, डा. डीके सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डा. एसपी यादव प्राध्यापक पशुपालन, डा. सतेन्द्र कनौजिया प्राध्यापक, मृदा विज्ञान, डा. राजेन्द्र सिंह प्राध्यापक कीट विज्ञान, डा. पूरनचन्द प्राध्यापक, जी.पी.बी., कपिल भारद्वाज, हरिकेश सिंह एवं अलोन्द्र भानु आदि भी मौजूद रहे।




