न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में बिना तैयारी पहुंचे अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इन्हें तय समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।
बैठक के दौरान विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो कि गंभीर चिंता का विषय है। सभी सचिवों को अपने-अपने विभागों की घोषणाओं की पुनः गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश जारी करने और जिन कार्यों के आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें तत्काल शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि 15 जून से पहले एक बार फिर सचिवों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यस्थलों पर शिलापट्ट न लगाए जाने की स्थिति में संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। साथ ही जिला स्तर के मामलों को अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लाने पर भी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर किया जाए, जहां वे लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से किए गए वादों को हर हाल में पूरा किया जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




