कूड़े के ढेर में पड़ी मिली सरकारी दवाइयां, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल








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न्यूज 127. ​मुजफ्फरनगर।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्यों कि सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी बताकर मरीजों को लौटा दिया जाता है वहीं बड़ी संख्या में सरकारी विभाग की जीवन रक्षक दवाइयां कूड़े के ढेर में पड़ी मिली हैं। गंग नहर पटरी के किनारे कूड़े के ढेर में मिली दवाईयों के बाद स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठना लाजमी हो गया है, इस घटना के बाद अब महकमे में हड़कंप मचा है।

​मामला खतौली क्षेत्र की गंग नहर पटरी का है, जहां सड़क किनारे एक बिजली के खंभे के पास भारी मात्रा में सरकारी दवाइयों का ढेर मिला। इन दवाइयों के रैपर पर साफ तौर पर “NOT FOR SALE” (बिक्री के लिए नहीं) ​लिखा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मौके पर 1000 से अधिक दवाइयां और सिरप फेंके गए हैं।

​वहीं दूसरी ओर ​जैसे ही कूड़े में पड़ी इन दवाइयों का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैला, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में विभागीय टीमों को भेजकर मौके से दवाइयां हटवाई गईं। विभाग ने अपनी साख बचाने के लिए मामले में जांच के आदेश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या दोषी अफसरों पर कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?

​स्थानीय निवासी राजू सैनी भागीरथी ने बताया कि ​”जब हम सरकारी अस्पताल जाते हैं, तो डॉक्टर बाहर की दवा लिख देते हैं। अस्पताल से केवल एक-दो गोली दी जाती है और बाकी मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा जाता है। आज पता चला कि वे दवाइयां मरीजों को देने के बजाय कूड़े में क्यों फेंकी जा रही हैं।”