डीएम मयूर दीक्षित का अल्टीमेटम, धरातल पर 15 दिन में दिखे सफाई व्यवस्था का असर








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न्यूज 127, हरिद्वार।
जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पंचायतीराज एवं खंड विकास अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, देश में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से प्रभावी इन नियमों के तहत कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और चिकित्सालयों से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे के अलग-अलग निस्तारण की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही प्लास्टिक कचरा, मेडिकल वेस्ट, सैनिटरी नैपकिन और डायपर के निस्तारण के लिए कूड़ा वाहनों में चार प्रकार के अलग कंटेनर रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता कंट्रोल रूम को निर्देश दिए गए कि सफाई कार्यों की नियमित सूचना उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों की सूची तैयार की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहां हरकी पैड़ी पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष से विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान हाल के समय में धीमा पड़ा है। इसे पुनः गति देने के लिए सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर अभियान को आगे बढ़ाना होगा, ताकि तीर्थनगरी को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल सहित नगर निकायों एवं विकास खंडों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।