नवीन चौहान.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी को जहर का इंजेक्शन लगाने के बाद खुद को भी वही इंजेकशन लगाकर सुसाइड कर लिया। डॉक्टर अपने 12 साल के बेटे को भी मौत की नींद सुलाना चाहते थे लेकिन अंतिम समय में अपना इरादा बदल दिया। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार यह मामला उधमसिंह नगर के काशीपुर की है। सुसाइड करने से पहले डॉक्टर ने अपने बेटे के साथ लूडो खेला जिसमें वह जीत गया। मूल रूप से देहरादून के रहने वाले डॉ. इंद्रेश शर्मा उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में एक निजी हॉस्पिटल में सेवाएं देते थे। करीब 10-12 साल पहले वो पत्नी वर्षा शर्मा, बेटी देवांशी और बेटे ईशान के साथ काशीपुर आ गए थे।
उनकी पत्नी कैंसर की मरीज थीं, पिछले कई सालों से उनका इलाज चल रहा था। पत्नी की बीमारी से डॉ इंद्रेश काफी टूट चुके थे, उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई थी, यही नहीं पत्नी को कई बार वह अपना ब्लड दे चुके थे, जिस कारण वह खुद भी बीमार रहने लगे थे।
साल 2020 में आई कोरोना महामारी ने उन्हें और भी बुरी तरह तोड़ दिया, आर्थिक स्थिति ऐसी बिगड़ी कि 2020 में इकलौते बेटे की पढ़ाई भी बंद कर दी। धीरे-धीरे डॉक्टर शर्मा तनाव में रहने लगे और यह आत्मघाती कदम उठा लिया। डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी जनवरी में की थी। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में सनसनी फैल गई, किसी को यकीन नहीं आ रहा है कि डॉक्टर ऐसा आत्मघाती कदम उठा सकता है।
- थानाध्यक्ष पल्लवपुरम ने निर्जला एकादशी पर लोगों को पिलाया ठंडा शरबत
- कुंभ-2027: हरिद्वार में सड़क नेटवर्क होगा हाईटेक, जाम से मिलेगी राहत
- हाइवे पर दिल्ली से हरिद्वार जा रही बस में लगी आग, 26 यात्री थे सवार
- टूटे हुए पिता की पुकार, “आज मेरे बेटे के साथ हुआ है, कल किसी और के साथ हो सकता है”
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज




