न्यूज 127, मेरठ।
नगर निगम जहां शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही कर रहा है वहीं पल्लवपुरम क्षेत्र में सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। कई स्थानों पर दुकानदारों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर जहां दुकानों को सड़कों तक फैला दिया है वहीं फुटपाथ और डिवाइडर पर भी अपनी दुकानों के बोर्ड अवैध रूप से लगा दिये हैं।

फुटपाथ और डिवाइड पर लगे ये बोर्ड हादसों का कारण भी बन रहे हैं। इन बोर्ड की वजह से चौराहे पर दूसरी ओर से आने वाले वाहन दिखायी नहीं देते जिस कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। अतिक्रमण का ये हाल पल्लवपुरम फेज 1 और फेज 2 दोनों ही स्थानों पर है। आए दिन हो रहे हादसों का स्थानीय पुलिस ने संज्ञान लेकर कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटवाया भी लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद फिर से पुरानी स्थिति लौट आती है। सभी चौराहों के कोने पर खोखा मार्केट खुल गई है, जो धीरे धीरे फैलती जा रही हैं। पल्हैड़ा चौराहे पर हाइवे फ्लाईओवर के नीचे तो पूरा फल मार्केट का बाजार सज गया है।

पल्लवपुरम फेज 2 में भव्य पैलेस मार्किट के सामने आवासीय कालोनी में घरों के अंदर अवैध रूप से खुली हुई दुकानें शाम के समय जाम का कारण बन रही हैं। यहां दुकानों की वजह से तो पार्किंग स्पेस खत्म हो ही गया है साथ ही दुकानों के बाहर सड़क तक लग रहे रेहड़ी ठेलों की वजह से स्थिति और विकट हो रही है। इन ठेलियों के आगे लोग अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा कर सामान लेते हैं जिसकी वजह से शाम को यहां जाम की समस्या कई बार आपसी झगड़े और गाली गलौच का कारण भी बन रही है। जिम्मेदार इस स्थिति पर खामोश है।
स्थानीय निवासी कई बार इस मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। हाइवे से जब चौहान मार्केट होते हुए टी पाकेट कालोनी की ओर चलते हैं तो सड़क पर दोनों ओर अतिक्रमण की वजह से हालात खराब ही दिखायी देते हैं। मेन डिवाइड रोड पर पल्हैड़ा चौराहा से जब भव्य पैलेस मार्केट की ओर चलते हैं तो एसबीआई तक सड़क के दोनों और अतिक्रमण और सड़कों तक आयी दुकानें किस तरह अतिक्रमण कर रही हैं यह दिखायी दे जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि वह शाम के समय पैदल चलना भी चाहे तो चल नहीं सकते, फुटपाथ गायब हो गए हैं और सड़कों पर वाहनों की अवैध पार्किंग से जाम हो जाता है।
इस संबंध में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, नगर निगम के नगरायुक्त, एमडीएम उपाध्यक्ष और सचिव के अलावा महापौर, विधायक से भी समस्या से निजात दिलाने के लिए उचित कार्रवाई कराने की मांग की है।




