नवीन चौहान.
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय सुनिश्चित करें। नियमित रूप से अपने जनपद के विधायकगणों से बैठक कर यथासंभव जनसमस्याओ का समाधान करेंगे और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी अपने कैम्प कार्यालय में न बैठकर अपने मूल कार्यालय में बैठें। ताकि आगंतुक आम जनता को कष्ट न हो। आम जनता की जिलाधिकारी तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक दिन 2 घंटे जिलाधिकारी जनता से मिलकर उनकी समस्या सुनेंगे और तुरंत निस्तारित करेंगे। जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सभी जिलों में जिलाधिकारी दो घंटे जनता की समस्या सुनेंगे और उनका समय से समाधान कराने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि जनप्रतिधिनियों का पूरा सम्मान हो। सूत्रों का कहना है कि कुछ जनप्रतिनिधियों की यह शिकायत थी कि अधिकारी उनकी बात ही नहीं सुनते। उनके द्वारा जनता की समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी सुनवाई नहीं होती थी।
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