न्यूज 127, मेरठ।
देश की राजधानी दिल्ली में 6 लोगों की बेरहमी से हत्या के दोषी वाजिद ने तिहाड़ जेल से 10 घंटे की पैरोल पर मेरठ आकर पुलिस कस्टडी में निकाह किया। इस दौरान पूरा गांव पुलिस फोर्स की तैनाती से छावनी में तब्दील दिखायी दिया।
दिल्ली पुलिस की टीम वाजिद को तिहाड़ जेल से लेकर मेरठ के दौराला स्थित उसके गांव समौली पहुंची। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे समोली गांव ले लाया गया था। यहां सीमित रिश्तेदारों और कुछ लोगों की मौजूदगी में युवती यासमीन के साथ उसका निकाह कराया गया। निकाह के दौरान पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम पूरा होते ही पुलिस टीम वाजिद को वापस तिहाड़ जेल ले गई। यह पूरा मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया। लोग हैरानी जता रहे हैं कि 6 लोगों की हत्या जैसे जघन्य अपराध में सजा काट रहे व्यक्ति को निकाह के लिए पैरोल कैसे दी गई।
कारोबारी और उसके परिवार की हत्या का दोषी है वाजिद
बता दें कि वाजिद दिल्ली के चर्चित 6 लोगों की हत्या मामले में दोषी है। इस मामले में दिल्ली के फर्नीचर कारोबारी मुनव्वर, उनकी पत्नी, दो बेटियों और दो बेटों की निर्मम हत्या की गई थी। जांच में पता चला था कि कारोबारी का नौकर वाजिद ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शवों को अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था। मुनव्वर और उनके दो बेटों के शव फ्लैट में गड्ढा खोदकर दबाए गए, जबकि पत्नी और बेटियों के शव मेरठ लाकर काली नदी में फेंके गए थे।
10 साल से तिहाड जेल में है बंद
पुलिस ने कई दिनों की छानबीन के बाद मामले का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। अदालत ने वाजिद को दोषी करार देते हुए लंबी सजा सुनाई थी। वह पिछले करीब 10 वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद है। इस घटना ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर बहस छेड़ दी है कि गंभीर अपराधियों को पैरोल पर छोड़ने की प्रक्रिया कितनी उचित है। वहीं दूसरी ओर पूरे गांव में ही नहीं क्षेत्र में भी इस निकाह की चर्चा हो रही हैं। सजा के बीच निकाह किये जाने को लोग ठीक नहीं बता रहे हैं, लोगों का कहना है कि इससे समाज में गलत मैसेज जा रहा है।
साभार: मेरठ से जोजो की रिपोर्ट




