25 लाख की साइबर धोखाधड़ी में साइबर गिरोह के दो सदस्य पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार








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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह और उनकी टीम लगातार साइबर ठगों पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि देहरादून के निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों द्वारा उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ई-मेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर परिवर्तित कर उनकी कम्पनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत एसएसपी एसटीएफ द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से अभियुक्तो को चिन्ह्ति करते हुये बीती 14 जून को निरीक्षक आशीष गुसांई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गयी। पुलिस टीम द्वारा दिनांक 18.06.2026 को मुखबिर की सूचना पर रानाघाट पश्चिम बंगाल से उक्त घटना में संलिप्त दो अभियुक्त तपन बिस्वास (उम्र 45 वर्ष) एवं उत्तम कुमार दास (उम्र 38 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार की गई। अभियुक्तों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराना, जिसमे अभियुक्त उत्तम कुमार दास द्वारा भी अपने नाम से कई बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया।
जांच में पाया गया कि अभियुक्त तपन बिस्वास द्वारा संदिग्ध बैंक खाते का संचालन कर साइबर ठगी की धनराशि के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही थी। अभियुक्त उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में वादी की ठगी गई धनराशि की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। दोनों अभियुक्त संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने का कार्य करते थे। अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।