- मेरठ को देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में तथा प्रदेश में प्रथम स्थान मिला
न्यूज 127, मेरठ।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता का परिचय देते हुए इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2026 में देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट अनुसंधान, प्रभावी विस्तार सेवाओं तथा नवाचार आधारित कृषि विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विश्वविद्यालय निरंतर आधुनिक कृषि तकनीकों, जलवायु अनुकूल कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा किसानों की आय वृद्धि के लिए अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में भी विश्वविद्यालय की स्थिति अत्यंत गौरवपूर्ण रही है।
प्रदेश के प्रमुख राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में एसवीपीयूएटी मेरठ ने अपनी सुदृढ़ शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमता के आधार पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि प्रसार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। इसके बाद आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या को राष्ट्रीय स्तर पर 28वीं रैंक, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा को राष्ट्रीय स्तर पर 39वीं रैंक, तथा चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर को राष्ट्रीय स्तर पर 45वीं रैंक प्राप्त हुआ। वहीं रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर 30वीं रैंक प्राप्त की है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक निष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार तथा किसान-केंद्रित तकनीकों के विकास के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा प्रदेश एवं देश के कृषक समुदाय के सहयोग एवं विश्वास को दिया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करना है।




