- कृषि विश्वविद्यालय में एक दिवसीय एकेडमिया इंडस्ट्री मीट कार्यशाला का हुआ आयोजन
न्यूज 127, मेरठ।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एकेडमिया इंडस्ट्री मीट विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने दीप प्रज्वलित व सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि आज के कॉम्पिटिटिव युग में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। इंडस्ट्री को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो तकनीकी ज्ञान के साथ साथ व्यावहारिक कौशल नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की योग्यता रखते हो। यही कारण है कि शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

कृषि विवि का प्रयास अधिक से अधिक एमओयू
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय का यह प्रयास है कि इंडस्ट्री के साथ अधिक से अधिक कोलोबरेशन किया जाए। तथा एमओयू किया जाए जिससे छात्रों को इंडस्ट्री से अटैच करने के उपरांत उनका सामूहिक विकास हो सकें और वो और आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि एकेडमिया इंडस्ट्री मीट के माध्यम से छात्रों को इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, शोध सहयोग और नई तकनीकों की जानकारी प्रदान होती है। साथ ही इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुभव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा के स्रोत बनते हैं, उन्होंने कहा, इस मीट से विश्वविद्यालय के छात्रों को लाभ मिलेगा।

पुस्तक ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक ज्ञान भी जरूरी
वित्त नियंत्रक डॉ पंकज चतुर्वेदी ने कहा, इंडस्ट्री के साथ कार्य करने से छात्रों को पुस्तक ज्ञान के अलावा प्रयोगात्मक ज्ञान भी प्राप्त होता है जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है और वो उद्योग के लिए अच्छे साबित होते हैं। निदेशक ट्रेनिंग प्लेसमेंट डॉ. आर. एस. सेंगर ने स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला केवल एक शैक्षणिक गतिविधि मात्र नहीं है। यह उच्च शिक्षा को उद्योग और समाज की बदलती आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज की तकनीकी प्रगति, डिजिटल परिवर्तन, स्थिरता संबंधी चुनौतियां, खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रश्न और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचार लगातार व्यावसायिक आवश्यकताओं को नया रूप दे रहे हैं।

विश्वविद्यालय के विचारों को उद्योग वास्तविकता में बदलते हैं
कुलसचिव, डॉ वी.पी सिंह ने कहा के विश्वविद्यालय विचारों को जन्म देते हैं और उद्योग उन्हें वास्तविकता में बदलते हैं, इसलिए इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय और छात्र के लिए भविष्य में लाभकारी होंगे। वित्त नियंत्रक डॉ पंकज चतुर्वेदी ने कहा, इंडस्ट्री के साथ कार्य करने से छात्रों को पुस्तक ज्ञान के अलावा प्रयोगात्मक ज्ञान भी प्राप्त होता है जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है और वो उद्योग के लिए अच्छे साबित होते हैं। दयाल एग्री टेक ग्रुप, मेरठ के बाईस, प्रेसिडेंट नीरज शरण श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि आज कृषि में बहुत परवर्तन हो रहे हैं। तेजी से विकास हो रहा है, इसलिए नई टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए कृषि ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने के आवश्यकता है। उन्होंने कहा प्रसिशन फार्मिंग, स्मार्ट एरीगेशन, ड्रोन्स, क्लाइमेट स्मार्ट प्रैक्टिसेज के माध्यम से तकनीक संचालित होती जा रही है। उन्होंने कहा, इन उभरती चुनौतियों के लिए अपने विद्यार्थियों को तैयार करने हेतु हमारे पाठ्यक्रम में वर्तमान औद्योगिक वास्तविकताओं का प्रतिबिंब होना चाहिए।

सिलेबस ऐसा तैयार हो जो इंडस्ट्री के अनुरूप कार्य करें
डायरेक्टर फ्यूचर कैंप प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली एफ बी सिंह ने कहा, छात्रों के सिलेबस को इस तरह तैयार करना चाहिए, जिससे वो इंडस्ट्री के अनुरूप कार्य कर सकें। इसके लिए सेलेब्स में 4th ईयर में सभी छात्रों को इंडस्ट्री से 6 महीने तक अटैच करना चाहिए जिससे वो प्रोडक्शन की प्रक्रिया को सीख सकें और टैक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों के बीच जाकर संवाद कर सके।
इन्होंने की कार्यक्रम में शिरकत
कार्यक्रम में इंसीवा न्यूट्री क्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड, मनीष सिंह, एमकेजी मेगाफुड मदन मोहन वाष्णे डीएसएम फर मेनिच इंडिया बिज़नेस हेड शालिनी डोगरा फीचरकैम्प प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली डॉक्टर सी के सिंह, रनवोसिस इंडिया लिमिटेड, बंगलौर के राजेश कुमार सिंह दयाल फर्टिलाइजर के डॉक्टर मुकेश गौड़, खतौली शुगर मिल से डॉ कुलदीप राठी, मंसूरपुर शुगर मिल के जीएम कैन, डॉ उत्तम वर्मा, मवाना शुगर मिल के जीएम कैन डॉ प्रमोद बालियान, रामकृष्ण एग्री इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड के संकेत जिंदल, आईपीएल बायोलॉजिकल लिमिटेड, गुड़गांव के डॉक्टर रोहित भाटी, मार्केटिंग मैनेजर इंसेक्टिसाइड लिमिटेड गाजियाबाद के डॉ जी पी पांडे, क्रिप्टो सहारनपुर से वसिष्ठ नायक इफको, नई दिल्ली से डॉक्टर के के चौहान, आयसर ट्रैक्टर लिमिटेड नोएडा से विवेक बोहरा, आईपीएल बैलेजिकल लिमिटेड से डॉक्टर मनमोहन सिंह, मॉडर्न साइंटिफिक इंडस्ट्रीज से शुभम कुमार धानका, एग्रीटेक लिमिटेड से मोनू सिंह बोरोसल साइंटिफिक इंडिया लिमिटेड से आकाश बंसल, हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड से प्रवीण कुमार सिंह एंडोमा, प्राइवेट लिमिटेड से सचिन तोमर एसएमएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से कमल भदौरिया हैप्पी पॉट गार्डन ऋषि, झांसी से निदेशक डॉ हरवेश गौतम रामकृष्ण एग्री इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड, मैनेजिंग डायरेक्टर संकेत जिंदल आदि लोगों ने आपने विचार रखे और स्लेब्स में आवश्यक सुधार हेतु अपने सुझाव दीये, जिससे छात्रों को भविष्य में इंडस्ट्री के लिए तैयार किया जा सके।
डॉ डीवी सिंह ने किया संचालन
इस कार्यशाला में डॉ डीवी सिंह द्वारा संचालन किया गया। डॉ सत्य प्रकाश द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस कार्यशाला में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के डॉ संजीव कुमार गुप्ता, डॉ निमिषा टहरी डॉक्टर शैलजा कटौच डॉ. प्रियांश तोमर डॉ. सावन रावत छात्र नंदिनी सिंह, चंदन सिंह, अशोक चौधरी, गरिमा शर्मा तन्मय सिंह, आशुपाल, अमोल दीक्षित आदि का विशेष योगदान रहा। इस कार्यशाला में लगभग तीन सौ चालीस छात्र छात्राओं एवं पच्चीस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।




