न्यूज 127, देहरादून।
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। शीतकाल के आगमन के साथ ही यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले 10 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद किए जाएंगे।
चारधाम के कपाट बंद होने के कार्यक्रम के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को दोपहर 12:05 बजे बंद होंगे। इसके अगले दिन 11 नवंबर को यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10:28 बजे और केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद होंगे।
शीतकालीन प्रवास स्थलों पर होंगे दर्शन
चारों धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल के दौरान श्रद्धालु संबंधित शीतकालीन प्रवास स्थलों पर देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे। मां गंगा की पूजा मुखबा, मां यमुना की पूजा खरसाली और बाबा केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होगी। भगवान बदरीविशाल की पूजा-अर्चना की परंपरा भी शीतकालीन व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगी।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा का मौजूदा चरण संपन्न हो जाएगा और श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों की ओर रुख करेंगे।


