न्यूज127, देहरादून।
देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। अब उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज स्वतः जांच के दायरे में आ जाएंगे। परिवहन विभाग 19 जनवरी से प्रदेश में ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने जा रहा है, जिसके तहत बिना बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) या फिटनेस के चल रहे वाहनों का स्वतः ई-चालान किया जाएगा।
परिवहन विभाग की इस नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रदेश के सात प्रमुख टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक तकनीक से वाहनों की ई-निगरानी की जाएगी। जैसे ही कोई वाहन टोल से गुजरेगा, उसका नंबर परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम में कनेक्ट होकर जांचा जाएगा। यदि डाटाबेस में दर्ज दस्तावेज एक्सपायर, अवैध या अनुपलब्ध पाए गए तो सिस्टम वाहन को डिफॉल्टर घोषित कर देगा और तत्काल ई-चालान जारी हो जाएगा।
उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि इस प्रणाली के तहत वाहनों के परमिट, बीमा प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स की जांच की जाएगी। इसके साथ ही 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने वाहनों की भी पहचान संभव हो सकेगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में वाहन स्वामी के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ई-चालान की सूचना भेजी जाएगी, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा।
ई-डिटेक्शन प्रणाली का ट्रायल शनिवार को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। एक दिन में सातों टोल प्लाजा से कुल 49,060 वाहनों का डाटा सिस्टम को प्राप्त हुआ, जिसमें से 1,569 वाहन ऐसे पाए गए जिनके परमिट और फिटनेस समाप्त हो चुके थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि नई व्यवस्था नियमों के सख्त अनुपालन में कारगर साबित होगी।
इन टोल प्लाजा पर होगी ई-निगरानी
बहादराबाद टोल प्लाजा (हरिद्वार)
भगवानपुर टोल प्लाजा (हरिद्वार)
लच्छीवाला टोल प्लाजा (देहरादून)
जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा (ऊधमसिंह नगर)
बनुषी टोल प्लाजा (ऊधमसिंह नगर)
नगला टोल प्लाजा (ऊधमसिंह नगर)
देवरिया टोल प्लाजा (ऊधमसिंह नगर)
परिवहन विभाग के अनुसार प्रथम चरण में परमिट, बीमा और फिटनेस की जांच कर ई-चालान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित कर दुर्घटनाओं और अवैध वाहनों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
उत्तराखंड में सीमा पार करते ही ई-निगरानी, कागजात अधूरे तो कटेगा स्वतः ई-चालान



