न्यूज 127, देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। भारत के सम्मान और गौरव के प्रतीक इस पावन दिन विद्यालय प्रांगण में लेफ्टिनेंट कर्नल भरत सिंह पंवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल भरत सिंह पंवार, डॉ. बी.के. नौटियाल, श्रीमान एवं श्रीमती पिंकीश दत्ता तथा प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया के कर-कमलों द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के आरोहण के साथ हुआ।

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह कुछ विशेष रहा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रगान से पूर्व राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा गाए गए ‘वंदे मातरम्’ गीत की स्वर-लहरियों से पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से गूँज उठा।

इसके पश्चात् विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक के बाद एक झड़ी लग गई।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने विभिन्न समाज सुधारकों, राष्ट्रीय प्रतीकों, प्रसिद्ध हस्तियों का मनमोहक भूमिका-अभिनय प्रस्तुत कर भारत की विविधता, विज्ञान, संस्कृति, वीरता और गौरव को मंच पर जीवंत कर दिया।

विद्यार्थियों ने ‘अपनी धरती, अपना अम्बर, अपना हिंदुस्तान’ गीत प्रस्तुत कर सभी के मन को देशप्रेम की भावना से तरंगित कर दिया। ‘वंदे मातरम्’ गीत पर प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर विद्यालय के हेड ब्वाय छात्र ऋषभ रावत एवं छात्रा सौम्या पूर्वाल ने स्वतंत्रता दिवस के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए देश की उपलब्धियों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख को भी रेखांकित किया गया।

वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’ गीत ने कार्यक्रम में एक अलग ही भावपूर्ण रंग भर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अंतिम प्रस्तुति के रूप में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रंगी पोशाकों में सजे बच्चों द्वारा प्रस्तुत फ्यूजन नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल भरत सिंह पवार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा एवं देश के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का स्मरण कराया। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक उत्तरदायित्व है। देश की स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करना युवा पीढ़ी का प्रथम कर्तव्य है।

कार्यक्रम के आगे की श्रृंखला में विद्यालय की हेड गर्ल छात्रा दिव्या पंत द्वारा सभी को कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, बालिकाओं के पोषण व स्त्री शिक्षा का समर्थन करने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने आभार ज्ञापित करते हुए अपने संबोधन में देश की प्रगति और डीएवी के विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भावनात्मक, नैतिक और मानवीय बुद्धिमत्ता के महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को सच्चरित्र बनने और नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया।









