संस्कृत स्पर्धाओं के लिए 110 संयोजकों को मिला प्रशिक्षण










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95 विकासखंडों और 13 जनपदों में होंगी संस्कृत प्रतियोगिताएं, अक्टूबर में राज्यस्तरीय आयोजन

हरिद्वार।

उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् की ओर से आयोजित 18वें संस्कृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेशभर में होने वाली संस्कृत स्पर्धाओं के सफल संचालन को लेकर 110 खंड संयोजकों, जनपद संयोजकों एवं सह संयोजकों को एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में प्रतियोगिताओं के आयोजन, नियमों और व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रदेश के 95 विकासखंडों और 13 जनपदों में आयोजित होने वाली इन संस्कृत स्पर्धाओं में शासकीय, अशासकीय, निजी एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में किसी भी विषय में संस्थागत रूप से अध्ययनरत छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर सकेंगे।

छह विधाओं में होगा संस्कृत प्रतिभा का प्रदर्शन

संस्थानम् के सचिव एवं स्पर्धाओं के मुख्य समन्वयक प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने बताया कि प्रतियोगिताओं में छह विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें संस्कृत नाटक, समूहगान, समूह नृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण प्रमुख हैं। विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी जनपद स्तर तथा जनपद स्तर के विजेता राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।

23 सितंबर से शुरू होंगी प्रतियोगिताएं

प्रो. विद्यालंकार ने बताया कि विकासखंड स्तर की स्पर्धाएं 23 और 24 सितंबर, जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं 7 और 8 अक्तूबर तथा राज्यस्तरीय संस्कृत स्पर्धाएं 24 और 25 अक्तूबर को हरिद्वार में आयोजित की जाएंगी। इस दौरान विभिन्न स्तरों पर प्रतिभागियों को अपनी संस्कृत प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

तीनों स्तरों पर मिलेंगे पुरस्कार और प्रमाणपत्र

संस्थानम् की वित्त अधिकारी माया देवी ने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को तीनों स्तरों पर पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। विकासखंड स्तर पर प्रत्येक विकासखंड में कुल 18 हजार रुपये, जनपद स्तर पर प्रत्येक जनपद में 37,800 रुपये तथा राज्य स्तर पर कुल 2.84 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

संयोजकों को बताए प्रतियोगिताओं के अनिवार्य नियम

स्पर्धाओं के राज्य संयोजक एवं संस्थान के शोध अधिकारी डॉ. हरीशचंद्र गुरुरानी ने प्रशिक्षण के दौरान संयोजकों को प्रतियोगिताओं के मुख्य एवं अनिवार्य नियमों की जानकारी दी। उन्होंने आयोजन के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी विस्तार से मार्गदर्शन किया तथा संयोजकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस अवसर पर संस्थानम् के प्रकाशन अधिकारी किशोरी रतूड़ी, प्रशासनिक अधिकारी लीला रावत, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष रमा कठैत, कनिष्ठ सहायक मनीषा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनपद संयोजक एवं खंड संयोजक मौजूद रहे।