शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया नमन, विकास के विजन के साथ सात बड़ी घोषणाएं
पथ प्रवाह, देहरादून
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ शुरू हुए समारोह में राष्ट्रगान के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए बलिदान देने वाले राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रभावित लोगों तक शीघ्र राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार देना और जिन परिवारों ने घर एवं आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
2047 तक विकसित भारत, 2035 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 देश के लिए ऐतिहासिक वर्ष है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है, वहीं उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से धार्मिक पर्यटन के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ महापर्व में नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई।
युवाओं को रोजगार लेने वाला नहीं, देने वाला बनाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
10 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और इसके लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
खेलों में उत्तराखंड की मजबूत पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है।
महिलाओं और किसानों को सरकार का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जबकि स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1,750 हो गई है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी मिली है।
सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
मुख्यमंत्री की सात बड़ी घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- प्रदेश में प्रथम युवा आयोग की स्थापना की जाएगी।
- सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, पूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार और उद्यम के लिए अतिरिक्त सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
- 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। आईआईटी एवं आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
- प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों और खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। साथ ही 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति एवं पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, शासन के सचिवगण, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।








