न्यूज 127, मेरठ।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ में तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी ‘कृषि कुम्भ’ के दूसरे दिन मंगलवार को किसान मेला परिसर में ‘कृषि मेला एवं मण्डलीय रबी गोष्ठी’ का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान) डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के निदेशक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य पंडाल में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने कहा कि इस तरह के किसान मेले देश के दूरदराज के क्षेत्रों से आए किसानों और कृषि उद्यमियों को वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद करने और अपने अनुभव साझा करने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि वर्ष 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की कृषि क्षेत्र में अद्वितीय उपलब्धियों को मान्यता देना और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय व उत्पादक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों के साथ कंधे से कंधا मिलाकर उन्नत बीजों के विकास, आधुनिक तकनीकों, फसल प्रसंस्करण और विपणन की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को लगभग 7000 कुंतल उन्नत बीज उपलब्ध कराया गया है। ‘विज्ञान आधारित कृषि – खुशहाल किसान’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि खेती केवल पारंपरिक उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि नवाचार और तकनीक से जुड़कर किसानों की आय दोगुनी करने का प्रभावी माध्यम बने। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र के 18 जिलों में संचालित 20 कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से 104 कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के 56,000 से अधिक सदस्यों को तकनीकी सहायता दी जा रही है। इनमें से 68 FPO लाइसेंस धारक हैं और 5 संगठन अपने उत्पादों का विदेशों में भी निर्यात कर रहे हैं।

प्रसार निदेशक डॉ. सतेंद्र कुमार ने बताया कि मेले के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से भारी संख्या में आए किसानों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने परिसरों का भ्रमण कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, सभी अधिष्ठाता, निदेशक और प्रसार निदेशालय के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
मेले में हुआ किसान गोष्ठी एवं चौपाल का आयोजन
मेले में दूसरे दिन मुख्य पंडाल में किसान गोष्ठी एवं चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों द्वारा रबी फसलों की उन्नत प्रजातियों एवं बीज उत्पादन डॉ. लोकेश गंगवार, रबी फसलों में खरपतवार नियंत्रण डॉ. राजेश कुमार, मृदा स्वास्थ्य एवं केंचुआ पाल डॉ. एसपी सिंह, गन्ने की खेती में टपक सिंचाई पद्धति के लाभ डॉ. चित्रा शुक्ला, गन्ने की फसल में कीट प्रबंधन डॉ. गजे सिंह आदि विषयों पर वैज्ञानिकों द्वारा व्याख्यान दिए गए। इस दौरान क्रिस्टल फाॅस्फेट कम्पनी द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता डॉ. पीके पाण्डेय द्वारा आयोजित की गई तथा विजयी किसानों किसानों को पुरस्कृत किया गया।


