हरिद्वार में भयंकर फैल रहा कोरोना संक्रमण, अब तक 260 और शाही स्नान तक बुरा हाल




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नवीन चौहान
हरिद्वार में कोरोना संक्रमण की स्थिति की बात करें तो 1 अप्रैल तक संक्रमित मरीजों की संख्या 260 तक पहुंच गई है। एक अप्रैल को जनपद में 158 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए। अगर संक्रमण के फैलने की रफ्तार इसी तेजी से बढ़ती रही तो दूसरे शाही स्नान तक हरिद्वार में संक्रमित मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक होगी। ​जो कि जिला प्रशासन और कुंभ मेला प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब होगा। हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। कोरोना संक्रमण को काबू करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कुंभ पर्व 2021 के 12 मार्च को आयोजित होने वाले दूसरे शाही स्नान को लेकर अखाड़ों के साधु संतों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। संतों के इस वैभव को देखने के लिए देश विदेश के श्रद्धालुओं का आगमन भी शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण काल में कुंभ पर्व के आयोजन पर हाईकोर्ट की भी पैनी नजर बनी हुई। कोविड के संबंध में भारत सरकार ने एसओपी जारी की हुई है।
जिलाधिकारी सी रविशंकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रथम दिन से पूरी संजीदगी से कार्य कर रहे है। जिलाधिकारी जनता को संक्रमण से बचने के लिए जागरूक करते रहे है। साप्ताहिक ब्रीफिंग के जरिए कोरोना की स्थिति से अवगत कराते रहे है। कोरोना संक्रमण के हालातों के बीच में कुंभ पर्व के आयोजन की चुनौती से निबटने के लिए उन्होंने शुरू से ही रणनीति बनाई हुई थी। हरिद्वार की सभी सीमाओं, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर आटीपीसीआर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित की। सभी तैयारियों पूरे योजनाबद्ध तरीके से किए गए। लेकिन एकाएक हालात बदले और कोरोना संक्रमण ने तबरदस्त तरीके से दस्तक दे दी।
कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सभी चेकिंग प्वाइंटस का बारीकी से निरीक्षण किया। आवश्यक निर्देश जारी किए गए। हरिद्वार में प्रवेश करने वाले नागरिकों के लिए 72 घंटे पूर्व की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट को सख्ती से पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए।
अगर वास्तविकता की बात करें तो कुंभ मेला और हरिद्वार जिला प्रशासन की ​अग्निपरीक्षा की घड़ी आ गई है। कोरोना को मंसूबों को नाकाम करने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है। लेकिन जनता का सहयोग जरूरी है। मास्क, सेनेटाइजर और दो गज की दूरी ही कोरोना संक्रमण के मंसूबों का नाकाम कर सकती है। इसके अलावा दूसरा कोई रास्ता नही है।