पथ प्रवाह, हरिद्वार
महिला यात्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट/एडीजे चंद्रमणि राय की अदालत ने आरोपी अंकित वर्मा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए यह निर्णय सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान के अनुसार, घटना 27 फरवरी 2026 की है। पलवल (हरियाणा) से हरिद्वार पहुंची एक महिला यात्री बस स्टैंड से सिडकुल स्थित अपने घर जाने के लिए एक ऑटो में बैठी थी। आरोप है कि ऑटो चालक ने महिला को गलत दिशा में ले जाना शुरू कर दिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो ऑटो चालक ने उसे एक कार में बैठा दिया और भरोसा दिलाया कि कार चालक उसे उसके घर तक छोड़ देगा।
बताया गया कि कार चालक आरोपी अंकित वर्मा महिला को एक होटल में ले गया, जहां ऑटो चालक भी पीछे-पीछे पहुंच गया। होटल में कार्यरत कर्मचारी गोविंदा की मदद से दोनों आरोपियों ने महिला को कमरे में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना के अगले दिन पीड़िता ने आरोपी अंकित वर्मा (निवासी राजलोक कॉलोनी, ज्वालापुर), ऑटो चालक श्याम साहू और होटल कर्मचारी गोविंदा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता ने अपने परिजनों और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और केस की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अंकित वर्मा की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
गैंगरेप के आरोपी अंकित वर्मा की जमानत अर्जी खारिज




