दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश देने वाला महापर्व
न्यूज 127, हरिद्वार।
श्री निरंजनी अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर सोमेश्वरानंद गिरि जी महाराज ने दीपावली पर्व के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीपावली अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और निराशा से आशा की ओर अग्रसर होने का पर्व है। यह पर्व मानव जीवन में सकारात्मकता, प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है।
महामंडलेश्वर सोमेश्वरानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि दीपावली का वास्तविक संदेश केवल घरों में दीप प्रज्वलित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने अंतर्मन में ज्ञान और सदाचार का प्रकाश फैलाना भी है। मनुष्य को अपने भीतर मौजूद अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और नकारात्मक विचारों रूपी अंधकार को दूर कर सेवा, करुणा, प्रेम और मानवता के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में दीपावली का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व हमें जीवन में अच्छे विचारों को अपनाने और समाज में आपसी भाईचारे एवं सौहार्द को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से पर्व को श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के साथ मनाने का आह्वान किया।


