पहले घर के बारह अवैध कब्जे फिर रैम्प बनाकर अतिक्रमण, स्पीड ब्रेकर कर रहे चोटिल








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न्यूज 127. मेरठ।
शहरों में अपने घर के आगे सड़क और ग्रीन बेल्ट पर कब्जा करने का चलन ऐसा हो गया है मानों घर के आगे जो जमीन है वह उनकी निजी संपत्ति है। बड़े बड़े आलीशन कोठी बंगला वाले भी अपने घर का रैम्प सड़क तक बनाते हैं और फिर उसके आगे एक स्पीड़ ब्रेकर लगा देते हैं। ये स्पीड ब्रेकर सड़क पर चलने वालों के लिए मुसीबत का सबब बने हैं। ऊंचे ब्रेकर हादसों का कारण बन रहे हैं जिनकी वजह से रोज लोग चोटिल हो रहे हैं लेकिन जिन्होंने ये ब्रेकर अवैध रूप से बनाए हैं उनका इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, लोग चोटिल हो या फिर हाथ पैर टूट जाए उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है।
​जिम्मेदार अधिकारी भी खामोश बैठे हैं। शहर में भले ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा हो लेकिन कालोनियों में जो लोगों ने अवैध कब्जे ग्रीन बेल्ट और सर्विस रोड पर कर लिए हैं, उस पर किसी की नजर नहीं है। पल्लवपुरम आवासीय योजना की बात करें तो यहां फेज 1 और फेज 2 दोनों में ही अतिक्रमण की स्थिति गंभीर है। मेन डिवाइड रोड के दोनों ओर बनी सर्विस रोड भले की नक्शे में दिखायी देती हो लेकिन मौके से नदारद है। आवासीय कालोनी में मेन रोड के घर अब बाजार में बदल गए हैं, अधिकतर घरों में बडी बड़ी दुकानें खुल गई हैं, जो अवैध हैं। इनका न तो एमडीए से नक्शा पास है और न ही किसी तरह की अनुमति। एमडीए भी ऐसे निर्माणों को नोटिस जारी कर अपनी खाना पूर्ति कर लेता है। सूत्रों का ये भी कहना है कि कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ये ही अवैध निर्माण खड़े हो रहे हैं, ​जो भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। पल्लवपुरम फेज 2 में एस पॉकेट से पी पॉकेट की ओर जा रही मुख्य सड़क पर फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट पर पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। इन अवैध कब्जों पर एमडीए भी खामोश है और नगर निगम भी। रही सही कसर अवैध ब्रेकर पूरी कर रहे हैं। जिन स्थानों पर घरों के रैम्प सड़क तक बनाए गए हैं वहीं पर अधिकांश स्पीड ब्रेकर है। ये ब्रेकर किसकी अनुमति से बने यह कोई नहीं बताएगा। मंगलवार की सुबह सीनियर पत्रकार जोजो ई रिक्शा से बैठकर अपने घर की ओर जा रहे थे, उन्होंने बताया कि जब वह सप्तऋषि पार्क के पास से जा रहे थे तभी वहां बने ब्रेकर पर उनका ई रिक्शा उछल गया और वह पलटते पलटते बचा, इस हादसे में पत्रकार को चोटें भी आई। पत्रकार ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने बात भी कही है। अब देखना यही है कि पल्लवपुरम में जो सफेदपोश लोगों ने अवैध कब्जे अपने घर के बार एमडीए और नगर निगम की जमीन पर कब्जे कर रखे हैं वह कब हटेंगे।