कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर डीएवी देहरादून के प्रांगण में गूंजा देशभक्ति का स्वर








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वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए ओजस्वी सांस्कृतिक कार्यक्रम

पथ प्रवाह, देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी, देहरादून में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया के नेतृत्व में मुख्य अतिथि कर्नल सुरेन्द्र सिंह गुंसाईं (2/11 गोरखा राइफल्स एवं 21 राष्ट्रीय राइफल्स) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ बी.के. नौटियाल (भारतीय नौसेना एवं रॉयल आर्मी में चिकित्सक) के साथ शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर शहीद मदन सिंह नेगी की धर्मपत्नी श्रीमती मालती देवी की उपस्थिति ने पूरे समारोह को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में झलका शौर्य और समर्पण

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों के शौर्य और बलिदान को सजीव कर दिया। कक्षा 6 व 7 के विद्यार्थियों ने प्रेरणादायी देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया। कक्षा 9 के छात्रों ने मनोहारी नृत्य के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों की वीरता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र रक्षा के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कक्षा 10 की छात्रा अगम्य बहुगुणा ने अपने ओजस्वी भाषण में कारगिल विजय दिवस के ऐतिहासिक महत्व और भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस का उल्लेख करते हुए सभी को प्रेरित किया।

देशभक्ति के नारों से गूंजा परिसर

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह की आँखें नम हो उठीं, वहीं विद्यालय परिसर “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” जैसे नारों से गूंजायमान रहा। पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से सराबोर दिखाई दिया।

अतिथियों ने दिया प्रेरणादायी संदेश

मुख्य अतिथि कर्नल सुरेन्द्र सिंह गुंसाईं ने कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के साहस, शौर्य और बलिदान का मार्मिक वर्णन करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ बी.के. नौटियाल ने विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया का प्रेरक संदेश

कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं। उनके इस बलिदान का ऋण चुकाना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर सच्ची देशभक्ति का परिचय दें।

समारोह ने एक ओर जहां शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को सशक्त किया, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की अलख भी जगाई।