धार्मिक उल्लास: 6 नवंबर को मनाया जाएगा धनतेरस का पर्व, खरीदारी के लिए ये हैं सबसे उत्तम मुहूर्त




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न्यूज 127, मेरठ।
इस वर्ष दीपावली का पांच दिवसीय पावन पर्व 6 नवंबर, दिन शुक्रवार से अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आरंभ हो रहा है। पर्व की इस श्रृंखला का प्रथम पर्व ‘धनतेरस’ बेहद शुभ योग और संयोग में आ रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार धनतेरस पर ‘शुक्र प्रदोष’ का विशेष योग बन रहा है। शुक्र ग्रह को मां लक्ष्मी का प्रतिनिधि माना जाता है और प्रदोष व्रत का संयोग होने से इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही, इस दिन पूरे दिन और देर रात तक ‘हस्त नक्षत्र’ का प्रभाव रहेगा, जिसे खरीदारी के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में धनतेरस के दिन की गई खरीदारी से धन-वैभव में कई गुना वृद्धि होती है।

अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे भगवान धनवंतरी
वास्तु एवं ज्योतिष सलाहकार राहुल अग्रवाल के मुताबिक पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 6 नवंबर को प्रातः 10:30 बजे से हो जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन ही भगवान धनवंतरी अपने हाथों में अमृत का कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर प्रकट हुए थे। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता के प्रतीक स्वरूप इस दिन पीतल, तांबा या चांदी का कलश या बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन इन वस्तुओं की खरीदारी करने से रोगों का नाश होता है और घर में सुख, शांति व समृद्धि का स्थायी वास होता है।

झाड़ू, धनिया और इन वस्तुओं की खरीदारी का विशेष महत्व
धनतेरस के पावन अवसर पर बर्तन और सोना-चांदी के अलावा झाड़ू खरीदना भी अत्यंत शुभ माना गया है। लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन झाड़ू के साथ-साथ खड़ा धनिया, रुई, मां लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और खील-बताशे की खरीदारी करना भी बहुत मंगलकारी होता है। इसके अलावा, अपनी सुविधानुसार लोग इस दिन नए मकान, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खरीदते हैं।

खरीदारी के लिए तीन सबसे शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस दिन खरीदारी के लिए तीन विशेष मुहूर्त अत्यंत फलदायी रहेंगे:

प्रथम शुभ मुहूर्त (वाहन खरीदारी के लिए):
दोपहर 12:03 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक। इस दौरान शुभ चौघड़िया के साथ-साथ ‘अभिजीत मुहूर्त’ का अत्यंत शुभ योग रहेगा, जो कार, दोपहिया वाहन या अन्य किसी भी प्रकार के वाहन की खरीदारी के लिए अति उत्तम है।

द्वितीय शुभ मुहूर्त (इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन के लिए):
शाम 4:07 बजे से शाम 5:29 बजे तक। यह समय इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, पीतल-तांबे के बर्तन तथा सोना-चांदी की खरीदारी के लिए बहुत शुभ रहेगा।

तृतीय एवं सर्वाधिक फलदायी मुहूर्त (स्थिर लग्न):
शाम 5:58 बजे से शाम 7:54 बजे तक। यह वृषभ स्थिर लग्न का समय है, जो खरीदारी के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस समयावधि में आप घर के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां, मिट्टी के बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, रुई, झाड़ू या अपनी आवश्यकता की कोई भी वस्तु खरीद सकते हैं।

यम दीपदान की परंपरा
परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के लिए धनतेरस की संध्या पर परिवार की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यम देवता के नाम पर चारमुखी दीपक जलाया जाता है। सूर्यास्त के पश्चात सरसों या तिल के तेल से यह दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है। ऐसी लोक मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार में अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।