सांसद त्रिवेंद्र रावत बोले—स्वामी हंसप्रकाश जी महाराज का तपस्वी जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत








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हरिद्वार।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ब्रह्मलीन महामण्डलेश्वर परम पूज्य श्री स्वामी हंसप्रकाश जी महाराज का संपूर्ण जीवन सनातन धर्म, आध्यात्म और समाज सेवा को समर्पित रहा। उनका तप, त्याग और अनुशासन आज भी संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए मार्गदर्शक है। वे श्री प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम के पूर्व परमाध्यक्ष थे और उन्होंने आश्रम परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।


सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के यह विचार श्रीजी वाटिका, प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम, हरिद्वार में आयोजित पावन निर्वाण दिवस श्रद्धांजलि समारोह के दौरान व्यक्त किए गए।
प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम के वर्तमान पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज के संयोजन में श्रद्धा और गरिमा के साथ आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभिन्न अखाड़ों से पधारे वरिष्ठ संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से महामण्डलेश्वर स्वामी हरीचेतनानंद महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी रविंद्र पुरी जी (महानिर्वाणी अखाड़ा), राजेंद्र दास, महामण्डलेश्वर स्वामी गिरधर, स्वामी रामेश्वरानंद, राम मुनि, शारदा माता, जय देवानंद, आनंदचेतन, परमानंद, कपिल मुनि, संतोषानंद सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संतों ने ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश जी महाराज के तपस्वी जीवन, कठोर साधना, आध्यात्मिक चेतना और समाज सेवा के कार्यों को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि महाराज श्री ने सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, प्रांत संगठन मंत्री अजय, समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा, डॉ. विशाल गर्ग, अमित सैनी, नीरज सैनी, सचिन चहल, हीरालाल केसवानी, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, सुनील सैनी, संजीव चौधरी, प्रदीप मेहता, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार मेयर किरण जैसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी संतों एवं अतिथियों ने ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश जी महाराज के श्रीचरणों में भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामयी मंच संचालन महंत विश्वास आनंद द्वारा किया गया।