हरिद्वार
धार्मिक नगरी हरिद्वार में मांस एवं अंडे की बिक्री को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। नगर निगम की महापौर किरण जैसल की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में नगर क्षेत्र के भीतर मांस और अंडे के विक्रय पर व्यापक प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह निर्णय नगर निगम की उपविधियों में संशोधन के माध्यम से लागू किया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि संशोधित उपविधियों के लागू होने के बाद नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में कच्चे और पके मांस से बने खाद्य पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इससे पहले नगर निगम की उपविधियों में ज्वालापुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में मांस बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान था, लेकिन अब प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से इस प्रतिबंध को पूरे नगर निगम क्षेत्र में समान रूप से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
सराय स्थित मीट मार्केट में ही होगी सीमित अनुमति
नगर निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा सराय क्षेत्र में निर्मित मीट मार्केट में ही मांस बिक्री की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए निगम द्वारा विधिवत दुकानों की नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी तथा केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी दुकानदारों को ही मांस विक्रय की अनुमति प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनियंत्रित और अवैध मांस बिक्री पर रोक लगाना बताया गया है।
अंडों की बिक्री पर भी लगेगा प्रतिबंध
नगर निगम की पूर्व उपविधियों में अंडों की बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, लेकिन इस बार प्रस्तावित संशोधन में नगर निगम क्षेत्र के भीतर अंडों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान शामिल किया गया है। इससे नगर क्षेत्र में खाद्य विक्रय से संबंधित नियमों को अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया जाएगा।
मार्च की बोर्ड बैठक में होगा अंतिम निर्णय
नगर निगम प्रशासन के अनुसार यह प्रस्ताव आगामी मार्च 2026 में आयोजित होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। सभी आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात उपविधियों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।
बैठक में उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, नगर निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा भैरव सेना के सदस्य भी उपस्थित रहे।






