देहरादून
उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तारीकरण को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान एक्सप्रेसवे विस्तार के दो संभावित एलाइनमेंट विकल्पों पर गहन चर्चा की गई और परियोजना को शीघ्र गति देने पर जोर दिया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पहला प्रस्तावित एलाइनमेंट मेरठ से मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार तक जाएगा, जबकि दूसरा विकल्प हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जनपदों को जोड़ते हुए एक्सप्रेसवे का विस्तार सुनिश्चित करेगा। दोनों विकल्पों के तकनीकी, भौगोलिक और यातायात संबंधी पहलुओं का तुलनात्मक अध्ययन कर उनकी व्यवहार्यता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के लिए आवश्यक सभी अग्रिम औपचारिकताओं का विस्तृत खाका तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि उपलब्धता, यूटिलिटी शिफ्टिंग, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय परियोजनाओं में समन्वय और समयबद्ध कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिससे परियोजना में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में सचिव पंकज पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार सहित UPEIDA के वरिष्ठ अधिकारी चुनकु राम पटेल और विनय प्रकाश भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि परियोजना से संबंधित प्रारंभिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर विस्तारीकरण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे न केवल आवागमन में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलने की उम्मीद है।
मेरठ–हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार की तैयारी तेज, दो एलाइनमेंट विकल्पों पर मंथन






