M-PACS से मजबूत होंगे गांव और बनेगा समृद्ध उत्तराखंड: सीएम धामी




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न्यूज 127, देहरादून।
गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पलायन जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए सहकारिता को एक प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मजबूत नेतृत्व से बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (M-PACS) सशक्त होंगी। एम-पैक्स के मजबूत होने से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से ही समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण संभव होगा।

मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखंड द्वारा आयोजित ‘लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

सहकारिता से रुकेगा पलायन, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
सहकार भारती के संस्थापक स्व. लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सहकारिता रोजगार, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूती देने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में सहकारिता की अहम भूमिका है। सरकार का लक्ष्य देवभूमि को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की नींव हैं और समय की मांग के अनुसार इन्हें एम-पैक्स के रूप में और अधिक सक्षम व आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर सुविधाएं, युवाओं को नए अवसर और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति को सहकारिता की असली ताकत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित न रखकर जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बनाया जा रहा है ताकि लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति शिवेंद्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल और प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित कई पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।