मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने 7.23 करोड़ की लागत से बनी गौशाला जनता को समर्पित की, 15 योजनाओं का किया शिलान्यास
न्यूज 127, खटीमा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा, खटीमा में 7.23 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 108.84 करोड़ रुपये की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किलोमीटर मार्ग के 34.44 करोड़ रुपये की लागत से उच्चीकरण का कार्य प्रमुख है।
मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा गौशाला के भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने से उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी और किसानों तथा स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिलेगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। गौ संरक्षण केवल परंपरा नहीं, बल्कि कर्तव्य और जिम्मेदारी भी है। राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। ग्राम्य गौ सेवक योजना को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ संरक्षण के साथ गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ पशुधन संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के साथ सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा सहित पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है।


