न्यूज 127, मोदीपुरम (मेरठ)।
भाकृअनुप-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (IIFSR), मोदीपुरम के जैविक कृषि प्रणाली विभाग द्वारा एनएमएनएफ (NMNF) वित्तपोषित परियोजना के अंतर्गत “प्राकृतिक खेती पद्धतियाँ, आगत निर्माण और प्रदर्शन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह-अवलोकन दौरे का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के आगतों के निर्माण और खेत पर प्रदर्शन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने किसानों से सीधा संवाद कर प्राकृतिक खेती की चुनौतियों, अवसरों और इसे व्यापक स्तर पर अपनाने की रणनीतियों पर चर्चा की। तकनीकी सत्रों के दौरान जैविक कृषि प्रणाली विभाग के अध्यक्ष एवं प्रधान अन्वेषक डॉ. टी. पी. स्वर्णम ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, लाभों और पारिस्थितिकीय स्थिरता पर विचार रखे। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. चंद्र भानु तथा वैज्ञानिक डॉ. रंजीत एच. वी. ने कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए विभिन्न काढ़ों (घोलों) को तैयार करने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने फसल व खरपतवार प्रबंधन और वैज्ञानिक डॉ. पार्थ प्रतिम मैती ने प्राकृतिक पोषक तत्व मिश्रणों को बनाने की प्रक्रिया समझाई। वहीं, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र कुमार ने कम लागत में बेहतर उत्पादकता हेतु उपयुक्त फसल किस्मों के चयन की जानकारी दी।

किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिभागी किसानों को गेहूं और सरसों के बीजों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में तितोरा, दशरथपुर, बापरसा, पावली खुर्द और खिर्वा जलालाबाद गाँवों के 22 किसानों तथा भाकृअनुप-आईएआरआई असम के बी.एससी. कृषि के 7 छात्रों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के आयोजन में देवेश आर्य, शिवम सिवाच, जतिन कुमार, उमेश कुमार, अनुज और महेश का विशेष योगदान रहा। अंत में वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने सभी अतिथियों व किसानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


